| Date : 06-Mar-2022 |  |
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बाबा जयगुरूदेव जी महाराज चुप हैं, गम्भीर हैं। महात्मा जब बोलते रहते हैं, सत्संग करते रहते हैं तब तक कुदरत शान्त रहती है। पद को लेकर बिहार में कांग्रेसियों में संघर्ष हो गया। मारपीट, मारामारी, लाठीचार्ज तो आजकल आम बात हो गई है। चाहे विधायक हों या संसद सदस्य हो या मंत्री हों लाठियां घूम जाती हैं। विरोध प्रदर्शन एक हथियार बन गया है चाहे नतीजा कुछ भी न निकले। भारत के प्रधानमंत्री ने कहा कि चीनी पर सरकार चूक गई। केन्द्र की विफलता से बढ़ी कीमत। संसद में विपक्ष के हमलों के बीच उन्होंने कहा कि चीनी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है और सरकार चिंतित है और आवश्यक कदम उठाये गए हैं। बात पुरानी है। कांग्रेस के वरिष्ठ मंत्री जगजीवन राम जी एक बार बाबा जयगुरूदेव जी महाराज से मिलने मथुरा आश्रम आऐ। आश्रम की कुटी में उन्होने काफी समय बिताया और बातें कीं। भेंट के दौरान उन्होंने बाबा जयगुरूदेव जी महाराज से कहा कि ‘महाराज जी! मेरे पास इतनी संपत्ति है कि मेरी सात पुश्तें बैठकर खा सकती हैं।’ बाबा जी ने कहा कि अब आप राजनीति छोड़ दीजिऐ और आराम से घर में रहिऐ। यह सुनकर उन्होंने कहा कि ‘अगर मैं राजनीति छोड़ दूंगा तो मुकदमों से घिर जाऊँगा।’ बाबा जयगुरूदेव जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि जब नैतिकता की कमी हो जाती है तो चीजों की कमी हो जाने लगती है। नैतिकता के भाव में बड़ा बोध है, ज्ञान है और शक्ति है उसे छोड़ दिया। अपनी पारिवारिक व्यवस्था को, सामाजिक व्यवस्था को चन्द दिनों में ही बिगाड़ दिया। मनुष्य अपनी कर्म करने की आजादी से आबाद होता है और अपने कर्म करने की आजादी से बर्बाद हो जाता है। दोनों ही मनुष्यों के कर्म पर निर्भर करता है। जब मनुष्य बर्बाद होने लगाता है तब महात्माओं की जरूरत पड़ती है। ऐसी दशा में शान्ति की, प्यार की और मोहब्बत की जब आवाज लगती है, उसकी भनक पड़ती है तो वह उस तरफ दौड़ पड़ता है। इसलिए वह आवाज जन-जन तक पहुंचना चाहिए। इस मैदान में जितने भी लोग आऐ उनको लाभ हुआ है। हम समझते हैं कि जिनको लाभ हुआ उन्होंने समझा है। इसी प्रकार आप लगे रहो तो यह अंधकार खत्म हो जाऐगा। इसके लिए महात्माओं को मेहनत करनी पड़ती थी, करनी पड़ेगी। वह मेहनत की जाऐगी। info@jaigurudevworld.org www.jaigurudevworld.org |