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जयगुरूदेव समाचार
Date : 10-Mar-2010
    देश की संसद में, राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चुने हुऐ प्रतिनिधियों द्वारा जो दृश्य पेश किया गया है उससे ऐसा लगता है कि कुदरत का कुछ खेल होने वाला है। बाबा जयगुरूदेव जी महाराज ने लगभग 30 वर्ष पहले कहा था कि मैंने दिल्ली के आठ जबरदस्त भूतों से काम नहीं लिया है और जब मैं उनसे काम लूंगा तब देखना कि क्या होता है। बाबा जी की बातें बहुत हैं और उनकी एक भी बात कटने वाली नहीं है। बाबा जी ने यह भी कहा था कि दिल्ली से राजधानी हट जाएगी। देखना है कि किन परिस्थितीयों में क्या-क्या होता है।
    द्वापर में महाभारत की लड़ाई के बाद सत्ता के संधर्ष में छप्पन करोड़ यदुवंशी देखते-देखते साफ हो गऐ। सृष्टि में जब पाप बढ़ जाता है, कृष्ण भगवान के शब्दों में कि जब वर्ण शंकरता बढ़ जाती है तब कोई न कोई शक्ति अवतरित होकर दुष्टों का सफाया कर देती है और फिर धर्म की स्थापना हो जाती है।
    बाबा जयगुरूदेव जी महाराज ने कहा कि ऐसा मालूम होता है कि अब धर्म की तरफ लोगों का रूझान हो रहा है पर उनमें कमजोरियां इतनी आ गई हैं कि डरते हैं कि बुराइयां छोड़ने से कमजोर हो जाऊँगा। जैसे रिश्वत नहीं लूंगा तो खर्च पूरा कैसे होगा, अण्डा-मांस नहीं आऊँगा तो कमजोर हो जाऊँगा। बाबा जी ने करोड़ों लोगों का मांस, मछली, अण्डा छुड़वा दिया। बाबा जी ने कहा कि अब मैं उनसे पूछता हूं कि क्या कमजोर हो गऐ ? तो वे कहते हैं कि पहले लगता था पर अब तो उससे भी ज्यादा ताकत है।
    बाबा जी ने कहा कि अब ऐसा आभास हो रहा है कि धर्म, कर्म, न्याय, सत्य, अहिंसा, सेवा, सदाचार आने वाला है। अब धर्म के  नाम पर झूठ, छल, फरेब, धोखाधड़ी, आडम्बर नहीं चलेगा। मानवों को उठाने के लिए देश और समाज में प्रेम और अनुशासन लाने के लिए धर्म की ही जरूरत है। धर्म के न रहने से सुमति चली गई, परिवार, समाज व देश का विनाश होने लगा।
जहां सुमति तहं संपति नाना,
जहां कुमति तहं बिपति निदाना।।
    इतिहास बताता है कि बड़े-बड़े राजे-महाराजे संतों के पास गऐ और उनके संदेशों को सुना। राजकाज उनसे सलाह-मशविरा करके ही करते थे फिर प्रजा सुखी रहती थी, नियंत्रण में रहती थी। आज सब कुछ उल्टा हो गया इसीलिए सभी दुखी हो गऐ। सुख और शान्ति अब तभी मिलेगी जब किसी महापुरूष का मार्गदर्शन हो।
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