| Date : 26-Jul-2010 |  |
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 गुरू पूर्णिमा विशेष आज गुरूपूर्णिमा पावन पर्व का छठा दिन है। आप प्रातः गुरू महाराज के आदेश पर श्री सतीश यादव जी ने गुरू संदेश सुनाया। गुरू की महिमा का वर्णन करते हुऐ श्री सतीश यादव जी ने कहा कि गुरू की महिमा अपरमपार है। ‘‘बिन गुरू भवनिधी तरै न कोई’’। बिना गुरू के कोई भी इस भव सागर से पार नहीं हो सकता। गुरू की दया से जीव उनसे रास्ता पाकर आगे चलता है बिना गुरू के एक पग भी आध्यात्म के रास्ते पर आगे नहीं बढ़ सकता है। आपको चाहिऐ कि गुरू की दया में रहें और गुरू आदेश का पालन करने को तत्पर रहें। सभी शाकाहारी रहें, किसी नशे की वस्तु का सेवन नहीं करें। मांस का आहार आध्यात्म के मार्ग की बहुत बड़ी रूकावट है। किसी जीव की हत्या करके उसके मांस का सेवन करना एक बड़ा अपराध है और इसकी बहुत बड़ी सजा नर्कों और फिर चौरासी में मिलती है। जिस प्रकार आपको कहीं से काटा जाऐ तो आपको दर्द होता है उसी प्रकार किसी जानवर के बच्चे को जब आप काटते हो तो उसे भी वैसा ही दर्द होता है। आप किसी भी जीव की हत्या करेंगे तो आपको भी नर्कों में काटा जाऐगा और फिर चौरासी में डालकर यातनाऐं दी जाती हैं। दूसरा यह कि आप कोई भी ऐसा नशा मत कीजिऐ जिससे बुद्धि पागल हो जाऐ और अपने-पराये की पहचान खत्म हो जाऐ। नशा मानव की बुद्धि को खराब कर देता है। यह आध्यात्म के मार्ग की बाधा है। संदेश सुनाने के बाद सभी को ध्यान-भजन पर बैठाया गया। आज इस आध्यात्मिक मेला क्षेत्र से वापस अपने घरों की ओर जाने वालों का सिलसिला आरम्भ हो गया है। लोग अपने-अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। गुरू महाराज सभी को दर्शन दे रहे हैं। कार्यक्रम 27 जुलाई तक चलेगा। jaigurudevnews@yahoo.com info@jaigurudevworld.org www.jaigurudevworld.org |