| बाबा जी की सीख
कुछ दिन पूर्व जयगुरूदेव बाबा बम्बई आये हुऐ थे। चर्चगेट पर स्वामी जी विश्व महल में ठहरे हुऐ थे। एक आदमी दूसरी मंजिल पर स्वामी जी से मिलने आया।
कई लोग बैठे हुऐ थे। सत्संग की चर्चा हो रही थी। इसी बीच वह व्यक्ति बोला कि महाराज मैं प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी का संदेशवाहक हूँ। उन्हांेने आप के नाम संदेश भेजा है।
स्वामी जी ने कहा कि क्या बात है ?
उसने जवाब दिया कि महाराज इन्दिरा जी ने कहा है कि आप भविष्य वाणी करना बन्द कर दें।
जयगुरूदेव बाबा ने तुरन्त जवाब दिया कि उनसे कह देना कि खुद भविष्य वाणी करना बन्द कर दें। फिर उस व्यक्ति ने प्रश्न किया कि इन्दिरा जी कौन सी भविष्य वाणी करती हैं ?
स्वामी जी ने कहा कि यहाँ गरीबी दूर कर दूँगी, बिजली लगवा दूँगी, कल यहाँ जाऊँगी वहाँ जाऊँगी ये सब भविष्य वाणी हैं। कल की हर बात भविष्य वाणी हैं। वह खुद सम्भल जाऐं तो हम सम्भल जाऐंगे। यथा राजा तथा प्रजा। वह आदमी चुप हो गया।
-(शाकाहारी पत्रिकाः 14 अक्टूबर 1972) |