| दिल्ली से राजधानी हटेगी
आज जनतंत्र का बच्चा बच्चा रो रहा है। सात सौ वर्षों के मुसलमानों के राज्य में तथा डेढ़ सौ वर्षों के अंग्रेजों के राज्य में कुल मिला कर इतना टैक्स नहीं लगा जितना कि केवल एक बंगला देश टैक्स लगा है। टैक्सों की भरमार हो गई है और मजदूर गरीब किसान की कमर टूट चुकी है।
किसानों ! तुमने अपना अमूल्य मतदान शराबियों, कवाबियों, आन्दोलन, हड़ताल करने कराने वालों, रिश्वत लेने वालों, चरित्रहीन लोगों को दिया। कर्म विधान के अनुसार इनका पाप तुम पर बंट गया और इतने बुरे दिन आ गऐ। अभी गरीबी और परेंशानी तुमने देखे कहाँ हैं ? गरीबी के दिन सन् 1973 से आ रहे हैं। कितना खराब समय आयेगा ? बच्चा तुम्हारे मस्तिष्क में अभी नहीं है।
बाबा जी ने आगे कहा कि अभी सन् 72 का प्लेटफार्म तैयार हुआ जाता है। इस बीच में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, बंगाल आदि स्थानों में धार्मिक क्रांति की जड़ें फूटकर निकल आऐंगी और पेड़ तैयार हो जाऐगें फिर तुम इस सत्य आवाज पर कहाँ तक पर्दा डालते रहोगे ? इस प्लेटफार्म पर आध्यात्मिक शक्तियाँ आ रही हैं जो भारत के संविधान को बदल देंगी। से महान शक्तियाँ भारत के सभी बूचड़ खानों को बन्द कर देंगी, गाय काटने वालों को 20 वर्ष की सजा मिलेगी, अण्डा, मांस, मछली, शराब की दुकानें बन्द कर देंगी और जो कोई इन वस्तुओं को बेचता हुआ पाया जाऐगा उसे 10 साल की सजा होगी और सुबह और शाम चूतड़ पर पांच पांच बैंत लगाये जाऐंगे।
इन शक्तियों के आने से देश में आपका शासन हो जाऐगा। ये बच्चे दिल्ली से राजधानी हटा देंगे, राष्ट्रभाषा हिन्दी और संस्कृत कर देंगे, नंगे सनीमे बन्द कर देंगे, परिवार नियोजन, गर्भपात को बन्द कर देंगे, पुलिस के सिपाही, प्राइमरी स्कूल के अध्यापकों को 300रू. वेतन दे देंगे, मजदूरों को 8 रू. रोज मजदूरी दे देंगे, देश में हड़ताल, तोड़फोड़, आन्दोलन, रिश्वत एवं अन्य अनैतिक कार्यों को बन्द कर देंगे।-(शाकाहारी पत्रिकाः 7 नवम्बर 1972) |