बाबा जयगुरुदेव और व्यापक संतमत परंपरा के ग्रंथों का संग्रह — अंतर्मार्ग के साधकों के लिए लिखे गए।
किसी भी ग्रंथ पर क्लिक करें — पुस्तक एक नए पटल पर सुगमता से खुलेगी।
नामयोग साधना मन्दिर के प्रकाशन का उद्देश्य है — बाबा जयगुरुदेव की वाणी और संतमत परंपरा को जीवित रखना, और इसे हर साधक के घर तक सरल और सुगम हिन्दी में पहुँचाना।
पुस्तकों की प्रतियाँ प्राप्त करने के लिए कृपया मथुरा स्थित मन्दिर कार्यालय में लिखें, या किसी सत्संग के समय पधारें। वितरण लागत-मात्र पर है; अनेक ग्रंथ निःशुल्क सेवा रूप में भी उपलब्ध हैं।